💗सिरतो म आ जाना 💗
सपना मा नइ आवास त,
नइ देवंव मेहा गारी ।
सिरतो मा तैंहा
मोर आना संगवारी ।
(1)
पहिली नजर म तैं ,
मोर मन ल भाये ।
आंखी आंखी म तैं ,
मया गोठियाये ।
(कहां लुकाये तैंहा,,,,)2
मया होगे भारी ।,,,,,
सिरतो म तैंहा
मोर आना संगवारी ।,,,,,,,,
(2)
आंखी के रद्दा ले तैं ,
जिनगी म मोर आये ।
मया गोठिया के तैं ,
मन ल मिलाये ।
(जिनकी भर तोला मया करहुँ)2 मैं नइ कहंव लबारी ।
सिरतो म तैंहा
मोर आना संगवारी ।,,,,,,,,
(3)
तोर बिना मोर ,
जिनकी हावे सूना ।
मया के आगी भड़के ,
जइसे पानी म चूना ।
(सिरतो म आजा ना तैं)2
तोला बनाहुँ मोर सूवारी ।
सिरतो म तैंहा
मोर आना संगवारी ।
(4)
तोर आये ले जिंनगी के बगिया, हरीयर हरीयर होही ।
तोर कोरा म फूल फूलही ,
भरोसा हावे मोर जोही ।
(सुनता ले हमन जिंनगी पहाबो)))2
अंगना म होही किलकारी ।
सिरतो म तैंहा
मोर आना संगवारी,,,,,,,
✒️कन्हैया लाल बारले✒️
कोचेरा डौन्डी लोहारा
जिला बालोद (छत्तीसगढ़)
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