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छींच आया बीज देखो
किया खूब काम देखो
बनता है इसी से तो
देश ये महान है |
तर-तर धरे माथ
भीगे पाँव पसीना में
पेट पलता है देखो
इसी से जहान है |
गुम हुआ बेचारे तो
ना किसी को फिकर है
श्रमवीर दानवीर
किसे पहचान है |
जलेगा दीपक कभी
होगा उजियारा तब
किरदार आएगा कि
चेहरा किसान है |
रचनाकार-
साहिल नायक"पैग़ाम"
9340389771