दुनिया म परे हे रोना।
चारो मुड़ा बगरे हे कॅरोना।।
मुँह ला टोपे टोपे रेगव।
ये कल जुग के दिन देखव
कैसे मिलबो सब संग।
रद्दा म झेके आज कॅरोना।।
सुन सुन के होगे ग मरना।
हराम होगे सुख चैन मोर सोना।।
सरदी खाँसी बुखार एकर लक्षण।
अब जिनगी बर परे हाथ धोना।।
बिन उत्साह के कोरोना दीवाली।
बरा न सोहारी ,न खीर न दोना।।
बगरावत हे बीमारी ल जमाती ।
लुकावत हे दुनिया के कोना ।।
चीनी एला बनाये हे मरे मनखे।
नोहे ग भैय्या ये जादू टोना।।
देवनारायण नगरिहा जनकवि
ग्राम रायपुरा पोस्ट संबलपुर
तहसील डोंडी लोहरा
जिला बालोद छत्तीसगढ़
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