मोर छंद के छ परिवार के स्थापना दिवस म संस्थापक गुरुदेव अरुण कुमार जी निगम के संग सबो छंदकार मन ला बधाई...
गुरू ज्ञान के कोठरी,बाँटे नित्य सज्ञान।
बिन माँगे आशीष दे,कारज करे महान।।१।।
अपनी चिन्ता छोड़कर,सदा बाँटते ज्ञान।
देकर के आशीष सब,गढ़ते शिष्य सुजान।।२।।
गुरू चरण मे शीश दो,लेलो भरभर ज्ञान।
मिले ज्ञान को बाँट लो,कारज यही महान।।३।।
बिना गुरू के ज्ञान नहीं,पोथी पढ़ो पुरान।
लेने शिक्षा स्वयं गये,राम कृष्ण भगवान।।४।।
दर्श किये भगवान का,बालक ध्रुव प्रहलाद।
नारद जैसे गुरु मिले,जनम हुआ आबाद।।५।।
अरुण निगम गुरुदेव जी,मिले सदा आशीष।
छंद के छ परिवार ये,चमके लाख बरीष।।६।।
-तोषण दिनकर