शुक्रवार, 5 जून 2020

धोखा खाय हँव(रोहित ,पार्री बड़गांव)

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हं धोखा बहुत मय  हर खायेंव।
पल पल आंसू मय हर बहायेंव।

कोन कर ही ग अब भरोसा मोर।
देवी बना के रखेंव दिल  म मोर।।
लूट डारिस बैरी लबरी के लबारी।।
अउ पूजेंव ओला जइसे मे पुजारी।।

मया म दगा बस मय हर पायेंव ।
पल पल आंसू मय हर बहायेंव।।

लइस  कफ़न बइरी हर संउक ले।
अउ फेक के चल दिस चंउक ले।।
आ बैठ गे मोर मैयत के पंगत म।
खूब हसिस दोगली चार संगत म।।

हं धोखा बहुत मय हर खायेंव।
पल पल आंसू मय हर बहायेंव।
         💘रोहित बारले💘

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