बुधवार, 29 अप्रैल 2020

गलती

गलती मेरी ज्ञात हो,हम भी है हकदार।
रोक टोक हमपे करो,जरा करो उपकार।
जरा करो उपकार,बात तो सच्ची बोलो।
कमी कहाँ पर भार,राज भी अपनी खोलो।
कह दिनकर कर जोड़,बात ही सच्ची फलती।
हमसे मुँह मत मोड़,सभी मिल पकड़े गलती।

-तोषण दिनकर

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