जिनगी राहत करले मोर
मरबे ताहाँ कइसे तोर
जाँगर हा टुट जाही तोर
बुढ़वा पन में दाँत निपोर।.....जय गंगान
घर में खुसरे रहव सियान
राखे रहिहव बात ल ध्यान
परही नइते धर बूची कान
किजरव झन गा दिनमान।.....जय गंगान
कोरोना देवव दुतकार
काहत हावय जी सरकार
आनी बानी के लोकाचार
पड़ही नइते डंडा मार।....जय गंगान
दिनकर के तै बात ल मान
डारव झन जोखिम जान
काहत हावँव जी ईमान
राखव संगी मोरो मान।......जय गंगान
-तोषण दिनकर
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