मधुर काव्यांजलि
मधुर मधुर रचनाकार है,लिखते विविध विधान। करते सेवा चौमुखी, करते नित पहचान।।
बुधवार, 29 अप्रैल 2020
प्रवीण के दोहे
शब्द बड़े अनमोल हैं ,
समझो इनके मोल ।
घात करे बड़ जोर है ,
बोल सदा रस घोल ।।
राम नाम नित सुमर के ,
श्री गणेश कर काज ।
सत्य राह पर उतर के ,
जीवन अपने साज ।।
🙏शुभ प्रभात 🙏
🌼🌸प्रवीण ठाकुर✍🏻🌸🌼
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