मधुर काव्यांजलि
मधुर मधुर रचनाकार है,लिखते विविध विधान। करते सेवा चौमुखी, करते नित पहचान।।
बुधवार, 29 अप्रैल 2020
प्रीत
तुझ संग प्रीत लगाने की सजा क्या है।
बतादे मुझको ऐ खुदा तेरी रजा क्या है।
लाख बहाने करती हूँ तेरा दीदार हो जाये,
हजार नखरे और चेहरे तेरी अदा क्या है।
-तोषण दिनकर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें